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बग़दाद वाले मीराँ रौशन-ज़मीर | मेरे पीरान-ए-पीर मेरे पीरान-ए-पीर / Baghdad Wale Meeran Raushan Zameer | Mere Peeran-e-Peer Mere Peeran-e-Peer

मेरे पीरान-ए-पीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! बग़दाद वाले मीराँ रौशन-ज़मीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! मौला 'अली के तुम हो दुलारे ज़हरा की आँखों के तारे जूद-ओ-सख़ा है तेरी बे-नज़ीर मेरे पीरान-ए-पीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! बग़दाद वाले मीराँ रौशन-ज़मीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! अल्लाह अल्लाह ! ये उन का रुत्बा दीन-ए-ख़ुदा के वो हैं मसीहा ख़ल्क़-ए-ख़ुदा के हैं दस्त-गीर मेरे पीरान-ए-पीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! बग़दाद वाले मीराँ रौशन-ज़मीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! राह-ए-यक़ीं पर तुम ने चलाया बंदों को रब से तुम ने मिलाया वल्लाह, सब हैं तुम्हारे असीर मेरे पीरान-ए-पीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! बग़दाद वाले मीराँ रौशन-ज़मीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! जब से तुम्हारे दर पे गिरा हूँ 'इज़्ज़त की मसनद पे खड़ा हूँ कहलाता हूँ तुम्हारा फ़क़ीर मेरे पीरान-ए-पीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! बग़दाद वाले मीराँ रौशन-ज़मीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! मेरे पीरान-ए-पीर ! आ जाना तुम क़ब्र में मेरी होगी वहाँ पर सख़्त अँधेरी मुझ को सताएँ न मुनकर...

वो मेरा ग़नी मेरा ग़नी मेरा ग़नी है / Wo Mera Ghani Mera Ghani Mera Ghani Hai

बा-वफ़ा बा-हया, आ'ला-ओ-'आली-सफ़ा मेरा 'उस्मान वो जिस के वसीले से हर इक बात बनी है वो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है वो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है मेरा मुर्शिद, मेरा मौला, मेरा सुल्तान है 'उस्मान मेरा दाता, मेरा आक़ा , मेरी पहचान है 'उस्मान सख़ियों का सख़ी है, 'उस्मान-ए-ग़नी है सख़ियों का सख़ी है, 'उस्मान-ए-ग़नी है जो जामे'-ए-क़ुरआन है, है 'आमिल-ए-सुन्नत ता-'उम्र दिया जिस ने हमें दर्स-ए-शरी'अत वो जिस से कली दीन के गुलशन की खिली है वो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है जो फ़ख़्र-ए-अबू-बक्र है, दामाद-ए-नबी है लौ जिस से 'उमर और 'अली की भी लगी है उस सा न ज़माने में कोई आया सख़ी है वो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है 'उस्मान का दुश्मन तो नबी का भी है दुश्मन दुश्मन है ख़ुदा का, वो 'अली का भी है दुश्मन दोज़ख़ का वो हक़दार है, हक़ बात यही है वो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है हो कैसे बयाँ हज़रत-ए-'उस्मान की 'अज़मत क़ुरआन को पढ़ते हुए पाई है शहादत वो जिस की जबीं आगे न दुश्मन के झुकी है वो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है हम अ...

कि जन्नती हैं जन्नती सय्यिदि मुआविया / Ki Jannati Hain Jannati Sayyidi Muawiya

जन्नती जन्नती हज़रत-ए-मु'आविया अमीर-उल-मोमिनीन ! मु'आविया मु'आविया ! सहाबी-ए-रसूल ! मु'आविया मु'आविया ! कातिब-ए-वही ! मु'आविया मु'आविया ! ख़ालुल-मोमिनीन ! मु'आविया मु'आविया ! मुहिब्ब-ए-अहल-ए-बैत ! मु'आविया मु'आविया ! कि जन्नती हैं जन्नती सय्यिदि मु'आविया कि जन्नती हैं जन्नती सय्यिदि मु'आविया ख़ुदा का इन पे फ़ज़्ल है, ख़ुदा की इन पे रहमतें हैं फ़ज़्ल-ए-रब से बा-ख़ुदा जन्नती मु'आविया कि जन्नती हैं जन्नती सय्यिदि मु'आविया कि जन्नती हैं जन्नती सय्यिदि मु'आविया 'अली का मैं ग़ुलाम हूँ, मु'आविया से प्यार है इसी मुनासिबत से ही तो अपना बेड़ा पार है 'अली के सच्चे 'आशिक़ों के लब पे है यही सदा कि जन्नती हैं जन्नती सय्यिदि मु'आविया कि जन्नती हैं जन्नती सय्यिदि मु'आविया कि जन्नती हैं जन्नती सय्यिदि मु'आविया यही 'अक़ीदा है नबी के 'आशिक़ो का बा-ख़ुदा कि जन्नती हैं जन्नती हैं सय्यिदि मु'आविया ये ज़िंदगी है जब तलक कहेंगे हम ये बरमला कि जन्नती हैं जन्नती सय्यिदि मु'आविया कि जन्नती हैं जन्नती...

मुस्कुराने लगी ज़िंदगी जान-ए-जानाँ का मीलाद है / Muskurane Lagi Zindagi Jaan-e-Jaanan Ka Milad Hai | Jaane Jaana Ka Milaad Hai

अल्लाहु रब्बु मुह़म्मदिन, स़ल्ला 'अलैहि व सल्लमा नह़नु 'इबादु मुह़म्मदिन, स़ल्ला 'अलैहि व सल्लमा जान-ए-जानाँ का मीलाद है, जान-ए-जानाँ का मीलाद है मुस्कुराने लगी ज़िंदगी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है आई आई सुहानी घड़ी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है मेरे सादिक़ अमीं आ गए, क़ाइद-ए-मुर्सलीं आ गए ये ख़बर आमिना ने सुनी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है मुस्कुराने लगी ज़िंदगी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है आई आई सुहानी घड़ी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है जो दु'आ-ए-ख़लील-ए-ख़ुदा, जो नवीद-ए-मसीहा हुआ आ गया वो नबी आख़िरी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है मुस्कुराने लगी ज़िंदगी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है आई आई सुहानी घड़ी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है शुक्र-ए-ने'मत करो कू-ब-कू, हुक्म-ए-क़ुरआन फ़ल्यफ़्रहू फ़ज़्ल-ए-रब पर करो तुम ख़ुशी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है मुस्कुराने लगी ज़िंदगी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है आई आई सुहानी घड़ी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है ज़ख़्म-ए-इंसानियत सिल गए, जल उठे हैं ख़ुशी के दिए देखो घर घर हुई रौशनी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है मुस्कुराने लगी ज़िंदगी, जान-ए-जानाँ का मीलाद है आई आई सुहानी घड़ी, जान-ए-जानाँ का मीलाद ...

दर-ए-ग़रीब-नवाज़ | ज़माना छूटे हम न छोड़ेंगे दर-ए-ग़रीब-नवाज़ / Dar-e-Gharib Nawaz | Zamana Chhute Hum Na Chhodenge Dar-e-Ghareeb Nawaz

मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! ज़माना छूटे, हम न छोड़ेंगे दर-ए-ग़रीब-नवाज़ ज़माना छूटे, हम न छोड़ेंगे दर-ए-ग़रीब-नवाज़ मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! हमें नाज़ है बस तुझ पर, किसी और पे नाज़ नहीं तेरे जैसा ज़माने में कोई बंदा-नवाज़ नहीं तेरे देने दिलाने का अंदाज़ निराला है किसी और का दुनिया में ऐसा अंदाज़ नहीं मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! ऐ चिश्त नगर वाले ! तुम मेरा भरम रख लो सदक़े में मुहम्मद के हम सब पे करम कर दो तुम हिन्द के राजा हो, अजमेर के दाता हो हम चिश्ती ग़ुलामों का तुम ही तो सहारा हो मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! मु'ईनुद्दीन ! फ़रियाद मेरी सु...

रब दे यार दा यार सिद्दीक़ | सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ / Rab De Yaar Da Yaar Siddiq | Sunniyan Da Dildar Siddiq

सिद्दीक़-ए-अकबर ! सिद्दीक़-ए-अकबर ! सिद्दीक़-ए-अकबर ! सिद्दीक़-ए-अकबर ! परवाने को चराग़ तो बुलबुल को फूल बस सिद्दीक़ के लिए है ख़ुदा का रसूल बस रब दे यार दा यार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ प्यार सिद्दीक़ दा रख दिल विच कर सी बेड़ा पार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ रब दे यार दा यार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ ग़ार च डंग ते डंग खा दे ए लूटी मौज बहार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ रब दे यार दा यार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ शेर-ए-ख़ुदा दा औह नहीं यार जो है तेरा ग़द्दार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ रब दे यार दा यार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ वारेया यार दे क़दमाँ तों अपना सब घर बार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ रब दे यार दा यार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ जिस दी होर न मिस्ल कोई आक़ा दा औह यार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ रब दे यार दा यार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ तू क्यूँ करना ए ग़म, अल्ताफ़ ! है तेरा ग़म-ख़्वार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार सिद्दीक़ रब दे यार दा यार सिद्दीक़ सुन्नियाँ दा दिलदार...

ऐ राह-ए-हक़ के शहीदो / Aye Raah-e-Haq Ke Shaheedo

ऐ राह-ए-हक़ के शहीदो ! वफ़ा की तस्वीरो ! तुम्हें वतन की हवाएँ सलाम कहती हैं ऐ राह-ए-हक़ के शहीदो ! लगाने आग जो आए थे आशियाने को वो शो'ले अपने लहू से बुझा दिए तुम ने बचा लिया है यतीमी से कितने फूलों को सुहाग कितनी बहारों के रख लिए तुम ने तुम्हें चमन की फ़ज़ाएँ सलाम कहती हैं ऐ राह-ए-हक़ के शहीदो ! चले जो होगे शहादत का जाम पी कर तुम रसूल-ए-पाक ने बाहों में ले लिया होगा 'अली तुम्हारी शुजा'अत पे झूमते होंगे हुसैन-ए-पाक ने इरशाद ये किया होगा तुम्हें ख़ुदा की रज़ाएँ सलाम कहती हैं ऐ राह-ए-हक़ के शहीदो ! जनाब-ए-फ़ातिमा, जिगर-ए-रसूल के आगे शहीद हो के किया माँ को सुर्ख़-रू तुम ने जनाब-ए-हज़रत-ए-ज़ैनब गवाही देती हैं शहीदो ! रखी है बहनों की आबरू तुम ने वतन की बेटियाँ, माएँ सलाम कहती हैं ऐ राह-ए-हक़ के शहीदो ! शायर: मुशीर काज़मी नशीद-ख़्वाँ: नसीम बेगम अमजद बल्तिस्तानी हाफ़िज़ ग़ुलाम-ए-मुस्तफ़ा क़ादरी असद रज़ा अत्तारी साजिद क़ादरी मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरी ai raah-e-haq ke shaheedo ! wafa ki tasweero ! tumhe.n watan ki hawaae.n salaam kehti hai.n ai raah-e-haq ke s...

किस लब पे क्या दुआ है सरकार जानते हैं / Kis Lab Pe Kya Dua Hai Sarkar Jante Hain

सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं किस लब पे क्या दु'आ है, सरकार जानते हैं किस के दिलों में क्या है, सरकार जानते हैं किस लब पे क्या सदा है, सरकार जानते हैं साइल के दिल में क्या है, सरकार जानते हैं सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं मुर्दा है या कि ज़िंदा, बच्ची है या कि बच्चा जो ग़ैब की ख़बर दे वो हैं हमारे आक़ा किस को भला ख़बर है, मजबूर हर बशर है माँ के शिकम में क्या है, सरकार जानते हैं सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं शाख़-ए-खजूर ले कर क़ब्रों पे डालते हैं मय्यत की हर सज़ा को पल भर में टालते हैं मुर्दा है किस जगह का, इस का है माजरा क्या क़ब्रों में हाल क्या है, सरकार जानते हैं सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं मे'राज का सफ़र है, सरकार जा रहे हैं और ला-मकाँ पहुँच कर तशरीफ़ ला रहे हैं मे'राज की हक़ीक़त ईमान है ये अपना पर्दे में क्या रखा है, सरकार जानते हैं सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं सरकार जानते हैं, सरकार जानते हैं सिदरा पे ले के...

बग़दाद वाळा नोधारी नावड़ीने तारो / Baghdad Wara Nodhari Navdi Ne Taaro (Gujarati)

अटूला मुसाफ़िर, ओतारा घणा छे विशाळ आ गगन पर सितारा घणा छे दुखोंमां ए मचले छे संतोषेथी नथी एकलो हूँ बिचारा घणा छे एजी रे मने मोटो भरोसो तमारो बग़दाद वाळा ! नोधारी नावड़ीने तारो नावड़ी मारी डगमग डोले मोजा ऊपर चढी हींचको ले एजी रे मारी मददे तमे रे पधारो बग़दाद वाळा ! नोधारी नावड़ीने तारो एजी रे मने मोटो भरोसो तमारो बग़दाद वाळा ! नोधारी नावड़ीने तारो पीरोना पीर छो, रौशन-ज़मीर छो टाळो छो दुखड़ा, तमे दस्त-गीर छो एजी रे मने जोइए छे क़ादरी सहारो बग़दाद वाळा ! नोधारी नावड़ीने तारो एजी रे मने मोटो भरोसो तमारो बग़दाद वाळा ! नोधारी नावड़ीने तारो मध दरियामां तूफाने चढ़ेया चोधारा ऊपर वरसाद पड़ेया एजी रे मारी बूडती बेडलीने तारो बग़दाद वाळा ! नोधारी नावड़ीने तारो एजी रे मने मोटो भरोसो तमारो बग़दाद वाळा ! नोधारी नावड़ीने तारो कळियुगमां थशे केम गुजारो सोची रह्यो छे सगम तमारो एजी रे मने पार तमे रे उतारो बग़दाद वाळा ! नोधारी नावड़ीने तारो एजी रे मने मोटो भरोसो तमारो बग़दाद वाळा ! नोधारी नावड़ीने तारो ना'त-ख़्वाँ: साजिद क़ादरी aToola musaafir, otaara ghana chhe vishaal aa gagan par s...